World Heart Day – संभल जाएं… युवा भी बन रहे ह्रदयरोगी, तनाव अहम कारण

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शाहजहांपुर। हृदय से जुड़े रोगों के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब युवाओं में भी दिल की समस्या बढ़ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सबसे प्रमुख कारण तनाव का सामने आ रहा है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन दिल की बीमारी से जुड़े 30-40 मरीज पहंच रहे हैं। इनमें कुछ नए मरीज होते हैं तो कुछ पुराने। चार-पांच मरीजों को भर्ती भी किया जाता है। डॉक्टर के मुताबिक 20-25 साल की उम्र के मरीज भी पहुंच रहे हैं। इनको घबराहट, तनाव या फिर अन्य समस्याएं होती हैं।
राजकीय मेडिकल कालेज के वरिष्ठ परार्मशदाता कार्डियोलाजिस्ट डॉ. केसी वर्मा के अनुसार कई युवाओं को हृदय संबंधी दिक्कत देखने को आ रही है। युवाओं को धूम्रपान से बचना चाहिए। कॅरियर के तनाव में भी युवा ज्यादा हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं।
ईसीजी के लिए जद्दोजहद
हृदय में कोई दिक्कत महसूस होने पर भले ही डॉक्टर को ईसीजी की जरूरत न लगे लेकिन मरीज ईसीजी कराने की जिद करते हैं। हालांकि डॉक्टर बेवजह ईसीजी न कराने की सलाह देते हैं। डॉक्टर के मुताबिक अधिकतर मामलों में ईसीजी रिपोर्ट सामान्य आती है। मगर कई बार मरीज ईसीजी कराने के बाद ही संतुष्ट होता है।
हृदयरोग बढ़ने के प्रमुख कारण
व्यस्त जीवन शैली के कारण अनियमित आहार, जंक फूड खाना या अधिक मसालेदार भोजन दिल के दौरे का कारण बनता है। दिल के दौरे का उच्च जोखिम विरासत में भी मिल सकता है। उच्च रक्तचाप की वजह से हृदय पर दबाव बढ़ता है। अधिक मात्रा में वजन बढ़ जाने से दिल पर जोर पड़ता है। रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ने से हार्ट अटैक की संभावना रहती है।
बचाव
– स्वास्थ्यवर्धक आहार लें। सुबह टहलें, हल्का व्यायाम करें। रक्त में शुगर न बढ़ने दें। मोटापे पर नियंत्रण की कोशिश करें।
(जैसा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केसी वर्मा ने बताया)

शाहजहांपुर। हृदय से जुड़े रोगों के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब युवाओं में भी दिल की समस्या बढ़ रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। सबसे प्रमुख कारण तनाव का सामने आ रहा है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन दिल की बीमारी से जुड़े 30-40 मरीज पहंच रहे हैं। इनमें कुछ नए मरीज होते हैं तो कुछ पुराने। चार-पांच मरीजों को भर्ती भी किया जाता है। डॉक्टर के मुताबिक 20-25 साल की उम्र के मरीज भी पहुंच रहे हैं। इनको घबराहट, तनाव या फिर अन्य समस्याएं होती हैं।

राजकीय मेडिकल कालेज के वरिष्ठ परार्मशदाता कार्डियोलाजिस्ट डॉ. केसी वर्मा के अनुसार कई युवाओं को हृदय संबंधी दिक्कत देखने को आ रही है। युवाओं को धूम्रपान से बचना चाहिए। कॅरियर के तनाव में भी युवा ज्यादा हृदय रोगों की चपेट में आ रहे हैं।

ईसीजी के लिए जद्दोजहद

हृदय में कोई दिक्कत महसूस होने पर भले ही डॉक्टर को ईसीजी की जरूरत न लगे लेकिन मरीज ईसीजी कराने की जिद करते हैं। हालांकि डॉक्टर बेवजह ईसीजी न कराने की सलाह देते हैं। डॉक्टर के मुताबिक अधिकतर मामलों में ईसीजी रिपोर्ट सामान्य आती है। मगर कई बार मरीज ईसीजी कराने के बाद ही संतुष्ट होता है।

हृदयरोग बढ़ने के प्रमुख कारण

व्यस्त जीवन शैली के कारण अनियमित आहार, जंक फूड खाना या अधिक मसालेदार भोजन दिल के दौरे का कारण बनता है। दिल के दौरे का उच्च जोखिम विरासत में भी मिल सकता है। उच्च रक्तचाप की वजह से हृदय पर दबाव बढ़ता है। अधिक मात्रा में वजन बढ़ जाने से दिल पर जोर पड़ता है। रक्त में शुगर की मात्रा बढ़ने से हार्ट अटैक की संभावना रहती है।

बचाव

– स्वास्थ्यवर्धक आहार लें। सुबह टहलें, हल्का व्यायाम करें। रक्त में शुगर न बढ़ने दें। मोटापे पर नियंत्रण की कोशिश करें।

(जैसा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉ. केसी वर्मा ने बताया)