Names of Bollywood Stars Aamir Khan and Shahrukh Khan also in IAS Iftkharuddin Viral Video

श्याम तिवारी/कानपुर: कुछ दिन पहले सीनियर आईएएस इफ्तखारुद्दीन का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें वह अपने अपने सरकारी आवास पर धर्मांतरण और कट्टरता की पाठशाला चलाते सुने और देखे गए. इस वीडियो का संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इफ्तखारुद्दीन के खिलाफ एसआईटी जांच बिठाई है. एसआईटी को एक सप्ताह में इस मामले की जांच पूरी कर​ रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपनी है.

आईएएस अधिकारी इफ्तिखारुद्दीन के घर पर धर्मांतरण की पाठशाला के अब तक 3 वीडियो सामने आ चुके हैं. एक वीडियो का लिंक बॉलीवुड से जुड़ रहा है. दरअसल, वायरल वीडियो में धर्म का संदेश दे रहा शख्स इफ्तिखारुद्दीन की किताब ‘शुद्ध भक्ति’ की प्रशांसा कर रहा है. इस दौरान वह अभिनेता आमिर खान का भी जिक्र करता है. शख्स का दावा है कि इफ्तखारुद्दीन की किताब ‘शुद्ध भक्ति’ को बॉलीवुड स्टार आमिर खान और शाहरुख खान ने भी पढ़ा है.

वीडियो में दावा: आमिर और शाहरुख पढ़ चुके हैं ‘शुद्ध भक्ति’
वायरल वीडियो में शख्स दावा कर रहा है कि इफ्तखारुद्दीन की ‘शुद्ध भक्ति’ किताब किसी तरह आमिर खान तक पहुंची. किताब पढ़ने के बाद ने अपने बहनोई को आईएएस इफ्तखारुद्दीन से मिलने कानपुर भेजा. बहनोई आमिर का सलाम इफ्तखारुद्दीन तक पहुंचाने आए थे. शख्स आगे दावा कर रहा है कि आमिर ने यह किताब शाहरुख को दी और उन्होंने ‘शुद्ध भक्ति’ को कुरान की तरह पढ़ा.

 
एसआईटी​ हेड ने VIDEO में कमिश्नर कैंप ऑफिस को पहचाना
फिलहाल एसआईटी ने इस वायरल वीडियो को जांच के लिए लैब भेज दिया है. मामले की जांच कर रहे एसआईटी अध्यक्ष डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा ने बताया कि वह 2009 में कानपुर रेंज के आईजी थे. इस दौरान कमिश्नर कैंप ऑफिस में आने-जाने के दौरान उस कमरे में कई बार बैठ चुके हैं, जहां तकरीरें होने की पुष्टि हुई है. इफ्तखारुद्दीन के वायरल वीडियो को देखते ही उन्होंने पुष्टि कर दी कि तकरीरें कमिश्नर कैंप ऑफिस में होती थीं.

कर्मचारियों का बयान IAS इफ्तखारुद्दीन केस में अहम होगा
डीजी सीबीसीआईडी ने बताया कि जो कर्मचारी सीनियर आईएएस इफ्तखारुद्दीन के कानपुर कमिश्नर रहने के दौरान वहां तैनात थे उन्हें सूचीबद्ध किया गया है. एक-एक कर्मचारी के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. किसी भी कर्मचारी का बयान सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया गया है. ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि आईएएस इफ्तखारुद्दीन के कानपुर कमिश्नर रहते जो कर्मचारी तैनात थे, वे खुलकर अपना बयान दर्ज करा सकें और सच सामने आ सके.

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