COVID-19 Vaccination: बच्‍चों के कोरोना वैक्‍सीनेशन में हो सकती है देरी, ZyCov-D की कीमत को लेकर फंसा पेंच | Covid 19 updates childrens vaccination may be delayed cost of zycov d vaccine union health ministry

ZyCov-D Vaccine: जायकोव-डी वैक्सीन को भारतीय फार्मा कंपनी जायडस कैडिला ने तैयार किया है. जिसे फार्माजेट सुई रहित तकनीक की मदद से लगाया जायेगा.

कुमार कुन्दन

बच्चों को लगने वाली वैक्सीन में देरी हो सकती है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार संबंधित कम्पनी के साथ इस वैक्सीन की कीमत को लेकर थोड़ा पेंच फंस गया है. इसी वजह से वैक्सीन देरी से बच्चों को मुहैया होगी. इससे पहले मंत्रालय की ओर से इस बात की उम्मीद जाहिर की गयी थी कि अक्टूबर के पहले सप्ताह तक बच्चों की वैक्सीन जायकोव-डी मुहैया हो जाएगी और बच्चों को लगनी भी शुरु होगी. जायकोव-डी वैक्सीन को भारतीय फार्मा कंपनी जायडस कैडिला ने तैयार किया है. जिसे फार्माजेट सुई रहित तकनीक की मदद से लगाया जायेगा.

TV9 भारतवर्ष को मिली जानकारी के अऩुसार इस वैक्सीन के देरी से पहुंचने की सबसे बड़ी वजह इसकी कीमत है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कीमत को लेकर वैक्सीन बनाने वाली कम्पनी से बात चल रही है और यह बातचीत अंतिम दौर में है.

क्या है तकनीकी पेंच?

सूत्रों के अऩुसार नीडल फ्री ये वैक्सीन गन और एप्लीकेटर की मदद से दी जाएगी. जिसमें गन की कीमत 30 हजार रुपए और एप्लीकेटर की कीमत 90 रुपए होगी. एक बार अगर गन का इस्तेमाल किया जाता है तो इससे 20,000 खुराक दिया जा सकेगा. 20 हजार खुराक देने के बाद गन बदला जायेगा. हर टीके की खुराक में दो शाट्स हैं इसलिए गन के ऊपर लगे एप्लीकेटर का दोबारा यूज किया जायेगा.

दूसरे वैक्सीन से अलग है जायकोव-डी

जायकोव-डी 12 साल से ऊपर के बच्चों को दी जाएगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक भारत में दी जा रही दूसरी कोरोना वैक्सीन से ये बिल्‍कुल अलग है. इसलिए इसकी कीमत अलग निर्धारित करने की जरुरत होगी. ये नीडल फ्री वैक्सीन है यानी इसमें सुई का इस्तेमाल नहीं होगा.

क्या है वैक्सीन का खुराक

इस वैक्सीन को दोनों बाहों में तीन बार लगाया जायेगा. जिस किसी को ये वैक्सीन दी जायेगी उसे तीन खुराक में से दोनों हाथ में तीन-तीन शॉट्स लगवाने होंगे. तीन खुराक वाली इस वैक्सीन की दूसरी खुराक 28 दिन में और तीसरी 56 दिन में दी जायेगी. हर खुराक में दो शॉट्स दिए जायेंगे. यानी 6 शॉट्स के बाद ही किसी को पूरी तरह से वैक्सीनेटेड माना जायेगा.

क्या है निड्ल फ्री तकनीक

इसमें सुई की जरुरत नहीं होती है. बिना सुई वाले इंजेक्शन में दवा भरी जाती है फिर उसे एक मशीन में लगाकर बांह पर लगाते हैं. मशीन पर लगे बटन को क्लिक करने से दवा शरीर के अंदर पहुंच जाती है। इसमें दर्द न के बराबर होता है.

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