Ancient Ramlila Is Cherished By Indian Culture – भारतीय संस्कृति को संजोए है प्राचीन रामलीला

प्राचीन रामलीला भवन
– फोटो : SAHARANPUR

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सहारनपुर। 150 वर्ष से आयोजित हो रही प्राचीन रामलीला भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संजोए हुए है। यहां रामायण की चौपाइयों पर ही लीला का मंचन होता है। इसके साथ ही पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
सरदार भगत सिंह चौक के निकट स्थित रामलीला भवन का निर्माण 1905 में हुआ था और कमेटी 1903 में रजिस्टर्ड हुई थी। प्राचीन रामलीला कमेटी द्वारा रामलीला भवन में रामलीला के सभी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जबकि बेहट रोड स्थित बस स्टैंड के निकट मैदान पर मंचन होता है। इस रामलीला की खासियत यह है कि अत्याधुनिक दौर में मंचन का स्वरूप नहीं बदला है। रामलीला भवन में बने प्रभु श्रीराम, माता जानकी, भरत-शत्रुघ्न, श्री हनुमान के कक्ष में बिना धोती कुर्ता पहने कोई भी पदाधिकारी या नागरिक नहीं जा सकता है। मंचन के लिए महिला कलाकारों को नहीं बुलाया जाता है। पुरुष कलाकार ही लीला में भाग लेते हैं। कमेटी के मंत्री चौधरी माई दयाल मित्तल ने बताया कि 150 वर्षों से लीला का आयोजन किया जा रहा है। उनके यहां पवित्रता का खास ध्यान रखा जाता है।
यह होते हैं भव्य आयोजन
रामलीला भवन में शहनाई के साथ श्री राम भगवान के मंढे़ का भोज दिया जाता है। इसके अलावा अलग-अलग दिनों में भवन से प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न सहित रावण की सवारी और शंकर की बारात 11 बैंडबाजों के साथ निकलती है।
कई जगहों पर वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला
उत्तर रेलवे नाटक क्लब माल गोदाम रेलवे क्लब में 69 वर्षों से लीला का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से छोटा कार्यक्रम होगा। प्रधान रवि जुनेजा ने बताया कि उनकी रामलीला में कोई भी कलाकार पैसा नहीं लेता है। प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह की रस्म पूरे रीति-रिवाज से की जाती है। वर-वधू के परिवार की मिलनी कराने के साथ ही शहर के लोगों को विवाह महोत्सव की तरह भोज दिया जाता है। इसके अलावा भारतीय कला मंच गोविंदनगर मैदान पर भी 50 वर्षों से लीला का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इस बार भी कोरोना संक्रमण की वजह से रामलीला महोत्सव स्थगित किया गया।

प्राचीन रामलीला भवन में लगी शिलापट

प्राचीन रामलीला भवन में लगी शिलापट– फोटो : SAHARANPUR

प्राचीन रामलीला भवन

प्राचीन रामलीला भवन– फोटो : SAHARANPUR

प्राचीन रामलीला भवन में लीला का मंचन स्थल

प्राचीन रामलीला भवन में लीला का मंचन स्थल– फोटो : SAHARANPUR

सहारनपुर। 150 वर्ष से आयोजित हो रही प्राचीन रामलीला भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संजोए हुए है। यहां रामायण की चौपाइयों पर ही लीला का मंचन होता है। इसके साथ ही पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है।

सरदार भगत सिंह चौक के निकट स्थित रामलीला भवन का निर्माण 1905 में हुआ था और कमेटी 1903 में रजिस्टर्ड हुई थी। प्राचीन रामलीला कमेटी द्वारा रामलीला भवन में रामलीला के सभी भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जबकि बेहट रोड स्थित बस स्टैंड के निकट मैदान पर मंचन होता है। इस रामलीला की खासियत यह है कि अत्याधुनिक दौर में मंचन का स्वरूप नहीं बदला है। रामलीला भवन में बने प्रभु श्रीराम, माता जानकी, भरत-शत्रुघ्न, श्री हनुमान के कक्ष में बिना धोती कुर्ता पहने कोई भी पदाधिकारी या नागरिक नहीं जा सकता है। मंचन के लिए महिला कलाकारों को नहीं बुलाया जाता है। पुरुष कलाकार ही लीला में भाग लेते हैं। कमेटी के मंत्री चौधरी माई दयाल मित्तल ने बताया कि 150 वर्षों से लीला का आयोजन किया जा रहा है। उनके यहां पवित्रता का खास ध्यान रखा जाता है।

यह होते हैं भव्य आयोजन

रामलीला भवन में शहनाई के साथ श्री राम भगवान के मंढे़ का भोज दिया जाता है। इसके अलावा अलग-अलग दिनों में भवन से प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न सहित रावण की सवारी और शंकर की बारात 11 बैंडबाजों के साथ निकलती है।

कई जगहों पर वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला

उत्तर रेलवे नाटक क्लब माल गोदाम रेलवे क्लब में 69 वर्षों से लीला का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से छोटा कार्यक्रम होगा। प्रधान रवि जुनेजा ने बताया कि उनकी रामलीला में कोई भी कलाकार पैसा नहीं लेता है। प्रभु श्रीराम और माता जानकी के विवाह की रस्म पूरे रीति-रिवाज से की जाती है। वर-वधू के परिवार की मिलनी कराने के साथ ही शहर के लोगों को विवाह महोत्सव की तरह भोज दिया जाता है। इसके अलावा भारतीय कला मंच गोविंदनगर मैदान पर भी 50 वर्षों से लीला का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन इस बार भी कोरोना संक्रमण की वजह से रामलीला महोत्सव स्थगित किया गया।

प्राचीन रामलीला भवन में लगी शिलापट

प्राचीन रामलीला भवन में लगी शिलापट– फोटो : SAHARANPUR

प्राचीन रामलीला भवन

प्राचीन रामलीला भवन– फोटो : SAHARANPUR

प्राचीन रामलीला भवन में लीला का मंचन स्थल

प्राचीन रामलीला भवन में लीला का मंचन स्थल– फोटो : SAHARANPUR