500 पंचायतों में मनरेगा का सोशल ऑडिट शुरू – NEWSWING

Ranchi: पूरे राज्य भर में मनरेगा का वित्तीय वर्ष 2021-22 का सोशल ऑडिट 1 अक्टूबर से फिर से प्रारंभ हो गया. ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के निर्देश पर ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य के 4364 ग्राम पंचायतों में से 500 ग्राम पंचायतों में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया शुरू की है.

प्रथम चरण में 1 ग्राम पंचायत का चयन किया गया है जहां अधिकतम मानव दिवस सृजित हुए हैं. यह प्रक्रिया ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशानुसार और मानदंड के अनुरूप प्रारंभ की गयी है.

ऑडिट के जरिए काम के दौरान ही समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक हस्तक्षेप करने में क्रियान्वयन एजेंसी को सहयोग मिलेगा और भविष्य में सामाजिक पेंशन के लिए पूरी तैयारी हो पाएगी.

advt

इसे भी पढ़ें:सरकार ने टाटा संस के एयर इंडिया की बोली जीतने की खबर को बताया ‘गलत’

सोशल ऑडिट के दौरान ही मनरेगा योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी भी की जाएगी. और कोई सुधार की गुंजाइश होगी तो उसके लिए आवश्यक जानकारी भी दी जाएगी. मनरेगा के काम के लिए मजदूरों को प्रसारित भी इस दौरान किया जाएगा.

सोशल ऑडिट में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मनरेगा मजदूरों की शिकायतों का समय पर निवारण हो कार्यस्थल पर सुविधा उपलब्ध हो. निर्माणाधीन संरचना की उपयोगिता और गुणवत्ता पर आकलन के अनुरूप हो. इसके साथ ही मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान मिले यह सुनिश्चित किया जाएगा.

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान उन्हीं योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण किया जाना है जिनका मस्टररोल निकाला गया हो या ऑडिट के दौरान योजना चालू है. सामाजिक अंकेक्षण के लिए प्रत्येक पंचायत में 4 लोगों की टीम भेजी गई है जिसमें 2 सदस्य सोशल ऑडिट यूनिट के होंगे.

इसे भी पढ़ें:चार करोड़ रुपये की मनी लाउंड्रिंग का मामला: आरोपियों के खिलाफ ईडी की विशेष अदालत ने तय किये आरोप

और 2 सदस्य संबंधित पंचायत के मनरेगा मजदूर मंच से संबंधित मजदूर होंगे. प्रत्येक पंचायत में सामाजिक पेंशन के पूर्ण होने के पश्चात एक प्रतिवेदन तैयार कर पंचायत को उसकी प्रति दी जाएगी और एक रिपोर्ट पंचायत प्रखंड से प्राप्त कर जिला द्वारा सोशल ऑडिट यूनिट ऑफ मनरेगा सेल को एक्शन टेकन रिपोर्ट के साथ भेजा जाएगा.

पिछले दिनों मनरेगा के सोशल ऑडिट में ही यह बात सामने आई थी कि बीते 4 वर्षों में करीब 51.32 करोड रुपए की वित्तीय हेराफेरी हुई है, जिसके बाद विभाग ने दोषियों पर कार्रवाई कर्तव्य राशि की वसूली प्रारंभ की है.

इस बात की पूरी जानकारी विभागीय मंत्री को भी मिली थी और उन्होंने इस वर्ष भी पूरे राज्य भर में सोशल ऑडिट कराने के लिए काम तेजी से करने का निर्देश दिया है.

इसे भी पढ़ें:यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा 10 को