फर्जी ऐप्स खाली कर सकते हैं आपका बैंक अकाउंट, ऐसे करें पहचान | Beware of fraud banking apps know how to spot and safety tips

फर्जी ऐप्स खाली कर सकते हैं आपका बैंक अकाउंट, ऐसे करें पहचान

आजकल साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं.

आजकल साइबर क्राइम के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. बैंक धोखाधड़ी करने का एक तरीका फर्जी बैंकिंग ऐप्स हैं.

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  • Publish Date – 10:29 am, Fri, 1 October 21Edited By: अंकित त्यागी
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Fraud Apps Alert: आजकल ज्यादातर लोग बैंक से जुड़े कामकाज के लिए इंटरनेट और स्मार्टफोन्स का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में साइबर अपराधी भी इसका फायदा उठाते हैं और लोगों को बैंक धोखाधड़ी का शिकार बनाते हैं. आजकल साइबर क्राइम के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं. बैंक धोखाधड़ी करने का एक तरीका फर्जी बैंकिंग ऐप्स हैं.

फर्जी बैंकिंग ऐप्स दूसरे बैंकिंग ऐप्स की तरह दिखते हैं कोऔर इनमें मालवेयर मौजूद होता है. इनका मकसद संवेदनशील डेटा या बैंकिंग क्रिडेंशियल्स को चुराना होता है. ये सामान्य तौर पर फ्रीवेयर के तौर पर ऑनलाइन उपलब्ध हो सकते हैं. साइबर अपराधी ऐप्स के सही वर्जन की तरह दिखने वाले ऐप्स बनाते हैं और उनमें मोबाइल मालवेयर डाल देते हैं. इसमें साइबर अपराधी असली ऐप वाली समान इमेज और आइकन का इस्तेमाल करते हैं. इसमें पब्लिशर का नाम भी समान ही दिखता है.

फर्जी ऐप्स को कैसे पहचानें?

  • फर्जी ऐप्स अच्छे तरीके से लिखी गई कानूनी शर्तों के साथ आ सकते हैं, जिसमें लिखा रह सकता है कि ऐप आपको चार्ज कर सकता है. ये दिखने में सही लग सकती हैं, लेकिन आप इन्हें बेहद ध्यान से पढ़ें.
  • फर्जी ऐप्स से आपके फोन की बैटरी बहुत तेजी से खत्म होगी. इसलिए बार-बार बैटरी कम होना मालवेयर या वायरस से संक्रमण की निशानी हो सकती है.
  • समय-समय पर अपना फोन बिल चेक करें और किसी संदेहास्पद चीज पर नजर रखें. अगर आपको अपने फोन या बिल में कोई संदेहास्पद चीज दिखती है, तो अपने नेटवर्क प्रोवाइडर से संपर्क करें.
  • किसी गलत स्पेलिंग के लिए ऐप के डाउनलोड पेज को चेक करें. यह फर्जी ऐप्स की पहचान हो सकती है.

फर्जी ऐप्स क्या कर सकते हैं?

फर्जी ऐप्स का मालवेयर न केवल जानकारी चुरा सकता है, बल्कि यह आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल ले सकता है. एक बार यूजर्स इन ऐप्स को एक्सेस करते हैं, तो आपको उनको अपने अकाउंट की जानकारी दे देते हैं. इसके कुछ असर ये हो सकते हैं;

  • आपके पासवर्ड, सर्टिफिकेट आदि को चुरा सकते हैं.
  • ईमेल स्क्रीनशॉट को चुरा सकते हैं.
  • यूजर की ओर से वित्तीय ट्रांजैक्शन या वित्तीय फ्रॉड कर सकते हैं.
  • एसएमएस फॉरवर्ड, कॉल ब्लॉक, अलग-अलग ऐप्लीकेशन्स को मैसेज, बैटरी लाइफ भी घटा सकते हैं.

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