दो लैपटॉप ले जाने के मामले में एयरपोर्ट पर रोक दिए गए तमिलनाडु के वित्त मंत्री, बाद में मांगनी पड़ी माफी

दो लैपटॉप रखने के कारण तमिलनाडु के वित्त मंत्री को चेन्नई एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। जिसके बाद सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे और इसे मिस कम्युनिकेशन का मामला बताया। सीनियर अधिकारियों ने इस असुविधा के लिए वित्त मंत्री से माफी भी मांगी।

तमिलनाडु के वित्त मंत्री को एयरपोर्ट पर इस वजह से रोक दिया गया क्योंकि उनके पास दो लैपटॉप थे। सीआईएसएफ कर्मियों के द्वारा रोके जाने के बाद जब अधिकारियों को ये बात पता चली तो उन्हें वित्त मंत्री से माफी मांगनी पड़ गई।

तमिलनाडु के वित्त मंत्री पलानीवेल त्यागराजन को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक अधिकारी ने चेन्नई हवाई अड्डे पर दो लैपटॉप रखने के कारण रोक लिया। जिसके बाद वहां विवाद खड़ा हो गया। वित्त मंत्री थूथुकुडी जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने डोमेस्टिक टर्मिनल पर स्कैनिंग के लिए अपना बैग मशीन में डाला, जहां उन्हें लैपटॉप के कारण रोक लिया गया।

रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने कथित तौर पर वित्त मंत्री से कहा कि एक यात्री दो लैपटॉप नहीं ले जा सकता है। विवाद जब बढ़ा तो बताया गया कि ऐसा कोई नियम ही नहीं है। हालांकि, जब मंत्री त्यागराजन की पहचान सामने आई तो हवाईअड्डे के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने वित्त मंत्री से माफी मांगी। ये बात भी सामने आई है कि ये मामला मिस कम्युनिकेशन के कारण भी हो सकता है।

चेन्नई एयरपोर्ट के अधिकारी ने कहा कि यह मिस कम्युनिकेशन का मामला है। सीआईएसएफ के सब-इंस्पेक्टर ने सोचा होगा कि वित्त मंत्री के पास दो नहीं बल्कि एक लैपटॉप है, और उसे ट्रे पर रखने के लिए कहा, जिसे वित्तमंत्री ने गलत समझा। सीआईएसएफ अधिकारी नॉर्थ इंडिया से है और उसे तमिल की समझ उतनी नहीं है। हमने फुटेज देखा है और सुरक्षा जांच में कोई समस्या नहीं थी जैसा कि बताया जा रहा है। एयरपोर्ट पर मौजूद सीनियर अधिकारी तुरंत वहां गए और वित्तमंत्री से माफी मांगी। सीआईएसएफ अधिकारी ने भी मामले पर मांफी मांग ली है।

इसी तरह का मामला अगस्त 2020 में भी सामने आया था, जब डीएमके सांसद कनिमोझी ने इसी तरह का मुद्दा उठाया था। कनिमोझी तब चेन्नई से दिल्ली जा रही थीं।

कनिमोझी ने कहा था कि जब उन्होंने एक महिला अधिकारी से तमिल या अंग्रेजी बोलने का अनुरोध किया तो सीआईएसएफ अधिकारी ने उनसे पूछा था कि क्या वह भारतीय हैं? सीआईएसएफ ने बाद में कनिमोझी से घटना का ब्योरा मांगा था और कहा कि वह घटना की जांच करेगा।